blogid : 312 postid : 1132322

जिदां रहने के लिए मिट्टी खाने को मजबूर थी यह महिला खिलाड़ी

Posted On: 16 Jan, 2016 social issues में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

कड़ी धूप में धूल-मिट्टी और ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर, आप नंगे पैर कितना चल सकते हैं. शायद कुछ कदम या फिर महज 2-3 कदम चलकर ही आपकी हिम्मत जबाव दे जाएगी. लेकिन वो लड़की नंगे पांव 800 मीटर की दौड़ में कदम बढ़ाती रही. जब उसकी हिम्मत जवाब दे जाती तो कभी न हार मानने वाली उम्मीद उसे कहती ‘बस एक कदम और… बस एक कदम और’. फिर देखते ही देखते उसने 800 मीटर की रेस को अपने नाम कर लिया.


op jesha

Read : हरियाणा में शादी के लिए लड़की नहीं मिली तो पहुंचा केरल


केरल के एक आदिवासी इलाके, वायानंद जिले में रहने वाली ओपी जेसा ने नाम की लड़की ने ये साबित कर दिया कि अगर हौसलों में दम हो तो कुछ भी मुश्किल नहीं है. साल 2000 में बिना किसी कोचिंग के जेसा ने न सिर्फ रेस को पूरा किया बल्कि 100 मीटर की लीड भी ली. वहीं दूसरी ओर मुम्बई मैराथन में टॉप करके जेसा ने 19 साल पुराने रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया. आने वाले रियो ओलंपिक में जेसा को उम्मीद है कि वो फिर से कोई कमाल करेगी.


op jaisha

Read : इन बॉलीवुड हस्तियों ने फिल्मी दुनिया से बाहर रचाई अपनी शादी


अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए जेसा बताती हैं कि ‘मेरे पिता के साथ एक बहुत बड़ी दुर्घटना हो गई थी. जिसके बाद वो बिस्तर से उठ नहीं सके, इसी गम में मेरी मां अक्सर तनाव में रहने लगी. उस दौरान हमारे घर की हालत इतनी खराब थी कि कभी-कभी हमें जिदां रहने के लिए मिट्टी खानी पड़ती थी. मेरी मां अकेले काम किया करती थी उन्होंने हमें कभी किसी के घर चोका-बर्तन नहीं करने दिया. बस यहीं एक कसक थी जो मेरी हिम्मत बनी और मैंने कभी न हारने की ठान ली’….Next


Read more

अनोखी मिसाल: दिन में भीख और रात में स्ट्रीट लाइट के नीचे बैठ पढ़ता है यह बच्चा

एकता की मिसाल बनी यह मंदिर, शिव के साथ की जाती है अल्लाह की भी इबादत

क्या थी टूटे चश्मे और फटी धोती की कहानी ?




Tags:                               

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

0 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments


topic of the week



अन्य ब्लॉग

latest from jagran