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सचिन के साथ खेलने वाले इन क्रिकेटरों ने गुपचुप तरीके से लिया संन्यास!

Posted On: 21 Oct, 2015 sports mail में

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हाल ही में भारतीय क्रिकेट के तेज और अग्रणीय गेंदबाज जहीर खान ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा था. जिसके बाद से अटकले लगाई जा रही थी कि उनके साथ ही कॅरियर की शुरुआत करने वाले विरेंद्र सहवाग भी जल्द ही क्रिकेटिंग कॅरियर से संन्यास लेंगे.


बीते सोमावर रात ऐसी खबरे भी आई जिसमें कहा गया कि सहवाग ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट को अलविदा कह दिया है लेकिन यह खबर कुछ समय के लिए थी. दुबई में अपने संन्यास की खबरों का खंडन करते हुए सहवाग ने कहा कि उन्होंने अभी संन्यास का फैसला नहीं लिया है और वक्त आने पर वह खुद ही अपने फैसले से लोगों को रूबरू करा देंगे. वह वक्त इतना जल्दी आ जाएगा किसी ने सोचा भी नहीं था.


गौरतलब है कि मैदान पर धमाकेदार बल्लेबाजी करने वाले ‘मुल्तान के सुल्तान’ वीरेंद्र सहवाग ने मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और आईपीएल से संन्यास की घोषणा कर दी है. यह घोषणा उन्होंने अपने जन्मदिन के दिन की. सहवाग ने इस बात की जानकारी ट्वीटर के जरिए दी. वैसे सहवाग के संन्यास की खबरों के बाद उनके प्रशंसकों में इस बात की निराशा तो जरूर होगी कि वह मैदान पर खेलते हुए अलविंदा नहीं ले पाए.


हालांकि सहवाग एकमात्र ऐसे खिलाड़ी नहीं है जिन्होंने मैदान के बाहर क्रिकेट को अलविदा कहा हो. ऐसे बहुत से क्रिकेट खिलाड़ी रहें जिन्हें मैदान के बाहर तो क्या जब उन्होंने संन्यास लिया तब वह खबरों में भी नहीं थे.


आइए उन खिलाड़ियों पर ध्यान देते हैं जिन्होंने सचिन तेंदुलकर की छत्रछाया में खेला लेकिन जब संन्यास लिया तो किसी को खबर नहीं रही.


दिनेश मोंगिया (2001-2007): दिनेश मोंगिया भारतीय टीम में तब आए जब टीम बुरे दौर से गुजर रही थी. एक नए बल्लेबाज के तौर पर उन्होंने भारत के लिए कुछ रन भी किया.


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विजय दहिया (2000-2009): विकेटकीपर बल्लेबाज विजय दहिया ने जब क्रिकेट की दुनिया में कदम रखा तब भारतीय क्रिकेट टीम बदलाव के दौर से गुजर रही थी. दहिया ने अपने क्रिकेटिंग कॅरियर में बहुत ही कम मैच खेला है, लेकिन जब उन्होंने संन्यास लिया तब बहुत ही कम लोगों को इसकी जानकारी मिली.


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रमेश पवार (2004-2007): रमेश पवार को भारतीय टीम में बतौर ऑफ स्पिनर लिया गया था जो बैटिंग भी करते थे. भारी भरकम शरीर उनकी पहचान बन गई थी. अपने शुरुआती मैचों में बॉलिंग से प्रभावित करने वाले रमेश पवार जितनी ही जल्दी इंडियन क्रिकेट टीम में आए उतनी ही जल्दी टीम से बाहर हो गए. हालांकि यह आईपीएल अभी भी खेल रहे हैं.


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देबाशीष मोहंती (1997-2001) : अपने अंतरराष्ट्रीय कॅरियर में देबाशीष मोहंती ने दो टेस्ट मैच और 45 एकदिवसीय मैच खेला है. 1999 के विश्वकप में इन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया था.


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अमय खुरासिया: 1999 में विश्व कप की टीम में जगह बनाने वाले अमय खुरासिया बॉलिंग के साथ बैंटिग भी करते थे. 2007 में इन्होंने संन्यास तो लिया लेकिन किसी को खबर नहीं लगी.


लक्ष्मीपति बालाजी (2004-2007) : घरेलू मैचों में तमिलनाडु की तरफ से खेलने वाले लक्ष्मीपति बालाजी अपने खराब प्रदर्शन की वजह से पहली बार टीम से बाहर हुए तो दोबारा वापसी नहीं कर पाए. लक्ष्मीपति बालाजी अभी आईपीएल के लिए खेल रहे हैं…Next


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