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“सिक्सर” सिद्धू की बोल्ड जिंदगी

Posted On: 20 Oct, 2012 sports mail में

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Navjot Singh Sidhu Profile in Hindi

क्रिकेट की पिच से निकलकर राजनीति की पिच पर बल्लेबाजी करने वालों में एक बेहद अहम नाम हैं ‘सिक्सर’ सिद्धू यानि नवजोत सिंह सिद्धू. कभी क्रिकेट की पिच पर गेंदबाजों के छक्के छुड़ाने वाले नवजोत सिंह सिद्धू ने राजनीति की पिच से लेकर कमेंटरी की पिच तक तेज तर्रार बल्लेबाजी की है. आज नवजोत सिंह सिद्धू बिग बॉस सीजन 6 में एक प्रतियोगी के तौर पर शामिल हैं और यहां भी वह अपने तकियाकलामों से बाकी प्रतियोगियों के छक्के छुड़ा रहे हैं.


Navjot Singh Sidhu’s Jokes: सिद्धू की खासियत

नवजोत सिंह सिद्धू की अगर खासियत की बात की जाए तो उनसे ज्यादा बेहतर कॉमेडी पंच शायद ही कोई मार सकता है. जिन शायरियों को लोग घंटों बैठ कर बनाते हैं वह लगता है सिद्धू को मुंहजबानी याद होते हैं. सिद्धू के बेबाकीपन को कई लोग उनका मुंहफटपना बताते हैं तो कई ऐसे भी हैं जो इसी खासियत को सिद्धू की अहम पहचान मानते हैं.


Navjot Singh Sidhu’s Cricketing Career: सिद्धू का क्रिकेट कॅरियर

सिद्धू की बल्लेबाजी के भी काफी चर्चे रहे. 1983 से 1999 तक वह क्रिकेट के मैदान पर ही धूम मचाते रहे. यही वह दौर था जब युवा नवजोत सिंह सिद्धू ने भारतीय क्रिकेट में विस्फोट बल्लेबाज की सही पहचान खड़ी की थी. लंबे-लंबे छक्के लगाना सिद्धू की खासियत बनी और नाम मिला सिक्सर सिद्धू का.


सिद्धू टेस्ट में रहे बेस्ट

सिद्धू ने 1983 से लेकर 1999 तक कुल 51 टेस्ट मैचों में 3202 रन बनाए जिसमें 9 शतक और 15 अर्द्धशतक शामिल थे. टेस्ट में उनकी सबसे बेहतरीन पारी साल 1996-97 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 201 रनों की थी. साथ ही उन्होंने टेस्ट मैचों में तीन बार 1993, 1994 और 1997 के दौरान प्रति वर्ष 500-500 से अधिक टेस्ट रन बनाए.


वनडे के पसंदीदा खिलाड़ी

टेस्ट से इतर सिद्धू वनडे के बेहतरीन खिलाड़ी रहे. उन्होंने अपने कॅरियर में कुल 136 वनडे मैचों में 4413 रन बनाए जिसमें 6 शतक और 33 अर्द्धशतक जमाए. वनडे मैचों में भारत की तरफ से उन्होंने कई बार ओपनिंग भी की. उनकी तेजतर्रार बल्लेबाजी की तुलना आज भारतीय क्रिकेट टीम के वीरेंद्र सहवाग से की जाती है. ग्वालियर के मैदान पर 1993 में उन्होंने इंग्लैण्ड के विरुद्ध नॉट आउट रहते हुए 134 रन बनाए जो उनका एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबला मैच में सर्वश्रेष्ठ स्कोर था. साथ ही 1987 के विश्व कप क्रिकेट के दौरान उन्होंने कुल पांच में से चार मैच खेले और प्रत्येक मैच में अर्धशतक ठोंका.


बल्लेबाजी के अलावा सिद्धू ने अपने कॅरियर के अंत में एक बेहतरीन फील्डर की भूमिका भी निभाई. उनकी बेहतरी फील्डिंग को देखकर दर्शकों ने उन्हें जोंटी सिंह का नाम दिया था.


छोटे पर्दे पर भी दिखाए हाथ

खेल से संन्यास लेने के बाद पहले उन्होंने दूरदर्शन पर क्रिकेट के लिए कमेंट्री करना आरम्भ किया. उसके बाद राजनीति में सक्रिय रूप से भाग लेने लगे. राजनीति के अलावा उन्होंने टेलीविजन के छोटे पर्दे पर टी.वी. कलाकार के रूप में भी अपनी पहचान बनायी है. आजकल वे बिग बॉस टी.वी. रियलिटी शो में दिखाई दे रहे हैं.


क्रिकेट की पिच से इतर राजनीति की बिसात पर

क्रिकेट से संन्यास लेने के पश्चात उन्हें भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा का टिकट दिया. उन्होंने राजनीति में खुलकर हाथ आजमाया और भाजपा के टिकट पर 2004 में अमृतसर की लोकसभा सीट से सांसद चुने गए. उन पर एक व्यक्ति की गैर इरादतन हत्या का आरोप लगाकर मुकद्दमा चला और अदालत ने उन्हें तीन साल की सजा सुनाई. जिसके बाद उन्होंने लोकसभा की सदस्यता से तत्काल त्यागपत्र देकर उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की. उच्चतम न्यायालय द्वारा निचली अदालत की सजा पर रोक लगाने के पश्चात उन्होंने दुबारा उसी सीट से चुनाव लड़ा और सीधे मुकाबले में कांग्रेस प्रत्याशी व पंजाब के वित्त मन्त्री सुरिन्दर सिंगला को हराया. 2009 के आम चुनाव में उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के ओम प्रकाश सोनी को हराकर अमृतसर की सीट पर तीसरी बार विजय हासिल की. तब से लेकर आज तक वे अमृतसर की लोकसभा सीट से जनता का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं.


आजकल सिद्धू बिग बॉस के घर में खूब धूम मचा रहे हैं. उम्मीद है आगे भी सिद्धू अपने शब्दों और मजेदार डायलॉगों से हमारा मनोरंजन करते रहेंगे.




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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

satya sheel agrawal के द्वारा
October 21, 2012

सिद्धू दा जबाब कोई नहीं.


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