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भारत रत्न सचिन !

Posted On: 25 Jan, 2011 sports mail में

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Sachin_Tendulkarउसका नाम सुनते ही सर गर्व से ऊँचा हो जाता है. भारत ही नहीं पूरा विश्व उसका दीवाना है. उसके प्रतिद्वंद्वी भी उसका आदर करते हैं. क्रिकेट की दुनिया में उसको भगवान कहते हैं.

24 फरवरी 2010 में क्रिकेट जगत में एक कारनामा हुआ था, यह कारनामा किया था क्रिकेट के सुपरमैन ने. क्रिकेट के इस सुपरमैन ने पुरुष एकदिवसीय क्रिकेट में पहली बार दोहरा शतक जड़ा. उसके बाद 19 दिसम्बर को उसने दूसरा कारनामा किया जब उसने टेस्ट क्रिकेट में शतकों का अर्धशतक लगाया. रिकॉर्ड बनाना, शतक ठोकना इस सुपरमैन की आदत है तभी तो सभी उसके दीवाने हैं. हम भारतीय अपने आपको सबसे खुशकिस्मत मानते हैं क्योंकि क्रिकेट का यह सुपरमैन भारत से है.

सचिन तेंदुलकर निःसंदेह भारत के अनमोल रत्न हैं. चाहे क्रिकेट का मैदान हो या कोई और कार्यक्रम हम अरबों के लिए आदर्श हैं. जब उन्होंने दोहरा शतक लगाया तो एक कवायद तेज़ हुई कि क्या सचिन को भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित करना चाहिए? क्या उनकी उपलब्धियां उन्हें इस सम्मान का हकदार बनाती हैं?

क्रिकेट जगत में सचिन को रिकॉर्डों का बादशाह कहा जाता है. उनके द्वारा बनाए गए कई रिकॉर्ड तो ऐसे हैं जिनको तोड़ना नामुमकिन है. विश्व मंच पर भारत की ख्याति फ़ैलाने में जो कार्य सचिन ने किया है उसे कम नहीं आंका जा सकता है.

लेकिन क्या सचिन का 21 वर्षीय कॅरियर काफ़ी है उनको इस सम्मान का हकदार बनाने के लिए और वह भी तब जब उनका मुकाबला ज्योति बसु से है.

ज्योति बसु भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के जानेमाने राजनेता थे. पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री जिन्होंने पश्चिम बंगाल के मुख्यंमत्री के तौर पर सबसे लंबा समय व्यतीत किया. यही नहीं अगर हम उनके सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक क्षेत्रों में दिए गए योगदान पर नज़र डालें तो वह किसी भी तरफ़ से सचिन से कम नहीं हैं.

क्या है भारत रत्न

BHARAT-RATNAभारत रत्न भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है. यह सम्मान राष्ट्रीय सेवा के लिए दिया जाता है. इन सेवाओं में कला, साहित्य, विज्ञान या सार्वजनिक सेवा शामिल है. इस सम्मान की स्थापना 02 जनवरी 1954 को भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति श्री राजेंद्र प्रसाद द्वारा की गई थी. प्रारम्भ में इस सम्मान को मरणोपरांत देने का प्रावधान नहीं था, लेकिन 1955 के बाद इस प्रावधान में संशोधन किया गया और 1955 के बाद से इसे मरणोपरांत भी दिया जाने लगा. अभी तक 41 लोगों को इस सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है जिसमें से 10 व्यक्तियों को मरणोपरांत प्रदान किया गया है.

भारत रत्न की घोषणा आज होनी है. लेकिन कहना कठिन है कि कौन होगा भारत का अगला रत्न. क्या सचिन पहले खिलाड़ी होंगे जिसे इस सम्मान से सम्मानित किया जाएगा? या फिर ज्योति बसु को उनके बहुमुखी योगदान और उपलब्धियों के लिए भारत सरकार अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित करेगी.

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