Best Web Blogs    English News

facebook connectrss-feed

खेल संसार

कौन जीता कौन हारा कौन बना सरताज, खेलों की दुनियां का लिखते सब हाल

217 Posts

257 comments

Sports Blog


Sort by:

महिला कबड्डी टीम में ‘किन्नर’

Posted On: 13 Dec, 2013  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

जनरल डब्बा में

0 Comment

राजनीति के मैदान में ‘खिलाड़ी’

Posted On: 11 Sep, 2013  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (2 votes, average: 3.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

जनरल डब्बा में

0 Comment

Page 1 of 2212345»1020...Last »

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

sh.p.m.shab aby kya hua baarish janarhi kya hoga rashtarmandel khelon ka gills shab ab aarop prtyaarpo band kare desh ki izaat ka swal 10 saal bahut hotey hain aur hamra desh 10 saal meie itna kuch nahi karpaya ab aagey kya hoga yahn baarish ka bahana bhi nahi chalega kyunki hum 10 saal pahley isskeliye vachan badh hoga rahi p.m.sahab ki woh ab sochengay kya hoga kya hona desh ki izaat ko kis prakar bachhayein yah duniya ke saamney jhoot/such kya kaheynage hum rajniti meie aapas meie ladtey rahey hum kisi achey rashtarsong ko nahi tyar karpaye kosish hai koi badiya sangeetkar dekhrahey roabaarish ki bajah se complete ho chukey thhey per iss saal ki baarish ne sab tabhi kardi hum sab se maafi maangkeynegey ki aagey se 21 saal ka samay diya jaye hum 10 aapas meie man mutaab meie nikalney hain 1 saal socheynegay planning ke liye phir bas yahi soch kar kaam suru kardeynegay ki 2 saal baad programme hain aur sab ko warning deytey huye hum next time tab hi iss kaam ko pura karpayengay per patta chala hai year 2012 meie pirlay aajayegi tab sayad humey iss ka koi afsos na hoga jab duinya hi nahi rahegi tabkhel bhi nahi hongay aur desh ka naam phir kabhi badnaam na hoga hum iss baat ko gill sahab tak pahuchadengay dakhiye sayad iss prakar izaat bach jaye ab p.m.ke natey iss prakr maie iss kaam ko sambhal baaney ki kosis karnga aur jab izzat per batta lagna hi hoga tab hum bhi usmeie kuch nahi karpyengay phir madam ko aagey karke kahna hoga madam ke purey aadesh hi nahi milley hum kya kar saktey jai hind

के द्वारा:

थीम सांग..की प्रासांगिकता तभी सार्थक होगा, जब वह आम और खास दोनों ही लोगों में पसंद किया जाए। लेकिन, मौजूदा रिपोर्ट के अनुसार अगर लोगों में निराशा व्याप्त हो रही है, तो इसके लिए संगीतकार रहमान का दोषी नहीं है । क्योकि जय हो जय हो की विश्वव्यापी प्रसिद्धि के बाद देश ने इनसे कुछ ज्यादा अपेक्षाएं कर ली। खेल शुरू होना है..अभी थीम सांग को बजना है..बगैर बजे ही इस पर कोई टिप्पणी करना, इसके साथ बलात्कार से कमतर नहीं होगा। अगर मुझे कुछ अखर रहा है तो वह है इसकी करोड़ों की लागत । पांच करोड़ से ज्यादा का खर्च होना, कुछ हजम नहीं हो रहा है। देश के लिए रहमान को चाहिए था कि वह यह थीम सांग बगैर कोई खर्च लिए करते। देश हित से बड़ी व्यवसायिकता नहीं हो सकती है। मैंने थीम सांग को सुना है, पर अभी कोई टिप्पणी नहीं करूंगा।

के द्वारा:

के द्वारा:

सबसे बुरी बात तो यह है कि कॉमनवेल्थ गेमस घोटाले में भी सरकार कुछ नही कर पा रही सरकार इतनी निक्म्मी कैसे हो सकती है...पता नही  इस सरकार में सक्रियता नाम की चीज है भी की नही. मनमोहन सिंह सरीफ है लेकिन क्या इतनी सराफत से देश चलता है कहीं. सोनिया जी सरकार चलाने के लिए तेलंगाना क्या कश्मीर को भी बांट सकती है. राहूल गांधी के बस मे6 कुछ नही कल भी वह बच्चें थे आज भी है और आगे भी वह बच्चें ही रहेंगे,... लालू जी ने क्या घोटाला किया जो शीला दीक्षिता करेंगी और कर रहीं हैं. अगर सबसे निकम्मी सरकार का कोई अवार्ड रखा जाएं तो इस युपीए सरकार को सर्वश्रेस्ट माना जाएंगा. मैं तो अपने तहे दिल से दुआ करता हूं कि भारत के आने वाले इतिहास में ऐसी निक्ममी सरकार कभी न आएं....

के द्वारा:

के द्वारा:

३४ साल का बुजुर्ग हूँ. राजनीती मैं होता तो सायद बछरा ही होता. जब से होश संभाला है, कलमाडी साहब ही ओलंपिक के कर्ताधर्ता बने रहे है. आजतक भारत का खेलो में कुछ खास तो नहीं हो पाया, लेकिन यह मैं नहीं जनता की कलमाडी साहब और उनके नजदीकियों का कितना कल्याण हुआ. कलमाडी ही क्यों भारत के हर खेल संघ के कर्ताधर्ता का नाम मैं बचपन से सुनता आ रहा हु. बदलते ही नहीं है. पता नहीं कितने काबिल लोग है, इतना कुछ किया खेलो के लिए की भारत हर जगह आपनी छाप छोर कर आ गया, शायद इसीलिये हर सरकार ने इन्हें छूने की जरुरत नहीं समझी . समस्या इनके कर्ताधर्ता बने रहने की नहीं है. समस्या हमारे देश मैं राजनीती को रोजी रोटी बना लेने की है. जबतक राजनीती हमारे देश में रोजी रोटी का साधन बनी रहेगी तबतक यह सब चलता रहेगा.

के द्वारा:

बिलकुल सही कहा आपने! कॉमनवेल्थ गेम में पैसा पानी की तरह बहाया गया है है , जो पैसा आम जनता का है !इसके लिए कौन जिमेवार है अगर कलमाड़ी जी नहीं तो कयोंकि की आयोजन समिति के अध्यक्ष तो वही है न !काया उन्हें पता नहीं था की कितना पैसा कहा लगाया जा रहा है फिर उन्होंने क्यों सस्ते कांट्रेक्ट महंगे में दिए !प्रेस कांफ्रेंस के दोरान वो कह रहे की पी ऍम या सोनिया के कहने पैर resign दूंगा हम पूछते है की जो पैसा बर्बाद हुआ है वह पीं एम या सोनिया जी का है जो resign उनके कहने पैर देंगे ?वो कह रहे हैं की जांच हो रही जांच से काया होगा अगर दोसी मिल गए तो उनको काया सजा होगी ? ५-१० साल या फिर ५ या १० लाख जुरमाना .जो पैसा उनकी जेब चला गया काया वो वापस मिल जायेगा ?घपला इतना बड़ा हो और पी एम या वित् मंत्री कुछ नहीं बोल रहे है ? उन्हें इसके बारे में बोलना चाहिए ! अगर जांच में साबित हो गया की घोटाला हुआ है तो क्या कलमाड़ी ये पूरा पैसा अपनी जेब से देदेंगे ?अगर खेलो के सफल होने श्री उनको जायेगा तो घोटालों की जिमेवारी भी उन्हें लेनी पड़ेगी? धन्यवाद !

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा: Gagan Jaiswal Gagan Jaiswal

के द्वारा:

क्या पोस्ट हैं, इतनी विस्तृत जानकारी तो शायद ही कोई लेख भी दे पाएं. कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए जिस तरह से दिल्ली मॆं विकास कार्य चल रहे है उसके लिए हम सभी को तैयार रह्ना चाहिए और इस गेम्स के बारे मे पूरी जानकारी होनी चाहिए. कोमनवेल्थ गेम्स ने दिल्ली की जिस तरह से सूरत बदली है वह शायद ही किसी मतदान से हो पाते लेकिन एक खेल समारोह ने दिल्ली को इतना विकास दिया तो हम सब चाहेंगे कि इतनी मेहनत पानी में न जांए और हमारी सरकार को इसके आयोजन से बहुत बडा लाभ हो. लेकिन मन में एक टिस रहेंगी कि चंद दिनों के खेलआयोजन के लिए तो सरकार ने मानों दिल्ली को बदल दिया , यह रवैया पहले कहां था, पहले तो कहते थे हो जाएगा अगले चुनाव का इत6जार करो, लेकिन शिला मैडम ने तो एक ही कार्यकाल मॆं सब पूरा कर लिया. अगर सरकार चाहें तो क्या संभव नहीं. खेर इससे क्या लेनादेना हमॆं तो इंतजार है कोमनवेल्थ गेम्स का और उस्में भारतीय खिलाडियों के बेहतरीन प्रदर्शन का.    

के द्वारा:

होंकी हमारे देश का राष्ट्रीय खेल है परन्तु यह बड़े शर्म की बात है की आज हमारी टीम किसी बड़े प्रतियोगिता में विजेता बन कर नहीं उभर पा रही है मेरे नजरिये से इस दुर्दशा के कई कारण है अगर इन समस्यायों का निदान हो जाये तो हमारी होंकी फिर दुनिया में होंकी का सिरमौर बन सकती है १ खिलाडियों के लिए हर प्रान्त में कम से कम तीन या चार स्टेडियम का निर्माण किया जाय जो की एस्ट्रो टर्फ से सुसज्जित हो 2 पंजाब के जालंधर , अमृतसर , उ० प्र० के गोरखपुर लखनऊ , झारखण्ड के रांची गुमला , हरियाणा , केरल आदि प्रान्तों जहा पर होंकी के होनहार पैदा होते है में खिलाडियों के लिए नर्सरी की स्थापना की जाये ३ खिलाडियों को यह विश्वास दिलाया जाय की उनको या उनके परिवार को भुखमरी का शिकार हो कर खेल बंद नहीं करना पड़ेगा ४ खिलाडियों के रोजगार हेतु कार्पोरेट जगत को यह आश्वासन दिलाना की क्रिकेट की ही तरह हम होंकी को भी रोजगार के अवसर देंगे ५ होंकी लीग का आयोजन करना जिसमे दुनिया की बेहतरीन टीम से हमारी टीमे khel sake .

के द्वारा:




  • ज्यादा चर्चित
  • ज्यादा पठित
  • अधि मूल्यित

करेंट अफेयर्स